विकास कार्यो का श्रेय लेने की लगी होड़ पूर्व कृषिमंत्री ओर वर्तमान विधायक में जुबानी जंग जारी

नर्मदापुरम-खंडवा स्टेट हाईवे की बदहाल सड़क की मरम्मत को लेकर शुरू हुई सियासी जंग अब विकास कार्यों के श्रेय तक पहुंच गई है। बीजेपी के पूर्व मंत्री और हरदा के पूर्व विधायक कमल पटेल और कांग्रेस विधायक डॉ. आरके दोगने एक-दूसरे पर लगातार आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। पूर्व मंत्री कमल पटेल ने जहां विधायक को लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए उनके इस्तीफे की मांग की, वहीं विधायक दोगने ने भी पलटवार करते हुए पूर्व मंत्री पर गंभीर आरोप लगाए। दोनों नेता अपने-अपने कार्यकाल में कराए गए विकास कार्यों का दावा कर रहे हैं।

नर्मदापुरम-खंडवा स्टेट हाईवे की हालत लंबे समय से खराब है। सड़क की मरम्मत को लेकर विधायक डॉ. आरके दोगने का कहना है कि उन्होंने मार्च-अप्रैल में मुख्यमंत्री से इसकी मांग की थी, जिसके बाद सड़क मरम्मत के लिए करीब 17 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत हुई।
इसी बीच तीन दिन पहले बीजेपी के पूर्व कृषि मंत्री और हरदा के पूर्व विधायक कमल पटेल ने सड़क मरम्मत कार्य का भूमिपूजन किया। इस दौरान उन्होंने विधायक आरके दोगने पर तीखी टिप्पणी करते हुए उन्हें निकम्मा और पनोती बताया और इस्तीफे की मांग की।
इसके बाद विधायक दोगने ने भी पलटवार किया। उन्होंने कमल पटेल को फर्जी नेता और दिमागी बीमार बताते हुए इलाज कराने की सलाह दी। इसके बाद विधायक ने छीपाबड़ से हरदा तक करीब 35 किलोमीटर की पदयात्रा निकाली और सड़क मरम्मत जल्द शुरू कराने की मांग को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। प्रशासन की ओर से मरम्मत कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिए जाने की बात विधायक ने कही।

वहीं अब इस सियासी घमासान में पूर्व मंत्री कमल पटेल ने अपने कार्यकाल में कराए गए विकास कार्यों का ब्यौरा सामने रखा है। हरदा के सर्किट हाउस में आयोजित प्रेसवार्ता में कमल पटेल ने अपने करीब तीन वर्ष के कार्यकाल के दौरान कराए गए विकास कार्यों को गिनाया।
कमल पटेल ने दावा किया कि कृषि मंत्री रहते हुए मंडी निधि से करीब 600 करोड़ रुपए की लागत से 102 सड़कों और 34 पुल-पुलियाओं का निर्माण कराया गया। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में हरदा जिले में सड़कों का जाल बिछाया गया।
कमल पटेल ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस ने 75 वर्षों में जो काम नहीं किया, वह उनके कार्यकाल में हुआ। उन्होंने विधायक आरके दोगने के घर के सामने बनी सड़क का जिक्र करते हुए कहा कि यह सड़क भी उनके कार्यकाल में स्वीकृत हुई थी और अब बनकर तैयार है।
इसके अलावा हरदा कृषि उपज मंडी में टीन शेड और ऑडिटोरियम, खिरकिया में मॉडल कॉलेज, हरदा में केंद्रीय विद्यालय और लॉ कॉलेज की स्वीकृति भी अपने कार्यकाल की उपलब्धि बताई।

एक तरफ पूर्व मंत्री कमल पटेल अपने कार्यकाल के विकास कार्यों को गिना रहे हैं, तो दूसरी तरफ विधायक आरके दोगने सड़क की बदहाली और विकास कार्यों के मुद्दे पर पूर्व मंत्री के दावों पर सवाल उठा रहे हैं।
फिलहाल नर्मदापुरम-खंडवा स्टेट हाईवे की मरम्मत को लेकर शुरू हुई राजनीतिक बयानबाजी अब दोनों नेताओं के विकास कार्यों के दावों और आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गई है। ऐसे में देखना होगा कि सड़क मरम्मत का काम कितनी तेजी से शुरू होता है और दोनों नेताओं के बीच चल रही यह सियासी जुबानी जंग आगे क्या मोड़ लेती है।

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