बहुचर्चित अनिल माणिक हत्याकांड का आरोपी धर्मु पटेल गिरफ़्तार

साढ़े तीन साल बाद अनिल माणिक हत्याकांड का मुख्य आरोपी गिरफ्तार

30 हजार रुपये का था इनाम, एसआईटी ने रातातलाई में दबिश देकर धर्मेंद्र उर्फ धर्मू पटेल को पकड़ा

हरदा। जिले के बहुचर्चित एवं जघन्य अनिल माणिक हत्याकांड में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी धर्मेंद्र उर्फ धर्मू पटेल को आखिरकार हरदा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधीक्षक शशांक के मार्गदर्शन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित मिश्रा के निर्देशन में उप पुलिस अधीक्षक आकांक्षा तलया के नेतृत्व में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने यह कार्रवाई की।

पुलिस के अनुसार, जनवरी 2023 में थाना टिमरनी क्षेत्र में घटित इस हत्याकांड के संबंध में अपराध क्रमांक 13/2023 के तहत धारा 302, 201, 120-बी भादवि एवं अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(v) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। घटना के बाद से मुख्य आरोपी धर्मेंद्र उर्फ धर्मू पटेल फरार चल रहा था।

गोपनीय सूचना पर पहुंची पुलिस टीम

पुलिस को 30 अगस्त 2026 को गोपनीय सूचना मिली कि हत्याकांड का मुख्य आरोपी अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए थाना हंडिया क्षेत्र के ग्राम रातातलाई में अपनी ससुराल में छिपा हुआ है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसआईटी ने तत्काल कार्रवाई की और संभावित ठिकाने पर दबिश दी।

योजनाबद्ध तरीके से की गई कार्रवाई में पुलिस टीम ने ग्राम रातातलाई से धर्मेंद्र उर्फ धर्मू पटेल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपी से प्रकरण के संबंध में पूछताछ एवं आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।

एसआईटी में 35 से अधिक पुलिसकर्मी शामिल

आरोपी की गिरफ्तारी के लिए गठित एसआईटी में जिले के तीन निरीक्षक स्तर के अधिकारी, पांच उप निरीक्षक, चार सहायक उप निरीक्षक, आठ प्रधान आरक्षक और 15 आरक्षक शामिल रहे। पुलिस टीम ने समन्वित एवं योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया।

गिरफ्तार आरोपी को आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के बाद न्यायालय हरदा के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजे जाने की कार्रवाई की जाएगी।

इन पुलिसकर्मियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका

आरोपी की गिरफ्तारी में एसडीओपी टिमरनी आकांक्षा तलया, निरीक्षक रामप्रसाद कवरेती, रोशनलाल भारती एवं निकिता विल्सन सहित उप निरीक्षक प्रकाश सोलंकी, मानवेन्द्र भदौरिया, पुरुषोत्तम गौर, अशोक अहिरवार और अजय रघुवंशी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

इसके अलावा एएसआई हेरम पांडेय, महेश टेकाम, जितेंद्र राजपूत, चंदन शाह एवं विनोद रघुवंशी सहित प्रधान आरक्षक, आरक्षक, सैनिक एवं कोर्ट मुंशी समेत पुलिस टीम के अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों ने भी गिरफ्तारी में सहयोग किया।

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