मध्यप्रदेश में छात्रसंघ चुनाव को लेकर एक बार फिर सियासत गरमाने लगी है। NSUI सदस्य अदनान अंसारी की PIL पर उच्च न्यायालय ने सितंबर में छात्रसंघ चुनाव कराने के निर्देश दिए थे। लेकिन NSUI का आरोप है कि सरकार की ओर से अब तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला है। ऐसे में NSUI ने आशंका जताई है कि सरकार प्रत्यक्ष चुनाव की जगह अप्रत्यक्ष चुनाव कराने की तैयारी में है। हरदा NSUI जिलाध्यक्ष सिद्धार्थ विष्णोई ने चेतावनी दी है कि अगर हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं हुआ तो NSUI सड़क से लेकर सांसद और न्यायालय तक आंदोलन करेगी।
छात्रसंघ चुनाव को लेकर मध्यप्रदेश में एक बार फिर छात्र राजनीति तेज होने के आसार हैं। NSUI का कहना है कि छात्रसंघ चुनाव को लेकर उच्च न्यायालय के निर्देश के बावजूद सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट नहीं की जा रही है।
NSUI सदस्य अदनान अंसारी की PIL पर हाईकोर्ट ने सितंबर में छात्रसंघ चुनाव कराने के निर्देश दिए थे। लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिलने पर NSUI ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं।
2NSUI का आरोप है कि सरकार प्रत्यक्ष छात्रसंघ चुनाव कराने के बजाय अप्रत्यक्ष चुनाव कराने की तैयारी कर रही है। संगठन का कहना है कि छात्र अपने प्रतिनिधियों का चुनाव लोकतांत्रिक तरीके से सीधे करें, यही उनकी मांग है।हरदा NSUI जिलाध्यक्ष सिद्धार्थ विष्णोई ने कहा कि अगर सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया और छात्रसंघ चुनाव को लेकर मनमाना निर्णय लिया, तो संगठन आंदोलन का रास्ता अपनाएगा।
सिद्धार्थ विष्णोई, जिलाध्यक्ष NSUI हरदा
छात्रसंघ चुनाव और सरकार के रुख को लेकर बयान।
NSUI ने साफ कर दिया है कि छात्रसंघ चुनाव को लेकर वह पीछे हटने वाली नहीं है। संगठन ने चेतावनी दी है कि जरूरत पड़ी तो आंदोलन को सड़क से लेकर सांसद और न्यायालय तक ले जाया जाएगा।
अब सवाल यह है कि क्या सरकार छात्रसंघ चुनाव को लेकर हाईकोर्ट के निर्देश के मुताबिक कदम उठाएगी या फिर चुनाव की प्रक्रिया को लेकर कोई अलग व्यवस्था लागू की जाएगी












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