हरदा में मूँग खरीदी को लेकर किसानों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा प्रति एकड़ केवल 1 क्विंटल 20 किलो मूँग खरीदे जाने के फैसले से नाराज़ किसान 4 जुलाई से कृषि उपज मंडी में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। आंदोलन के दसवें दिन किसानों ने अनोखे अंदाज़ में विरोध जताते हुए अपने सिर पर मूँग की बोरियां रखकर धरना स्थल से कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली। इसके बाद किसानों ने प्रतीकात्मक रूप से 1 क्विंटल 20 किलो मूँग मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए दान कर दी।
संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले आंदोलन कर रहे किसानों का कहना है कि सरकार द्वारा प्रति एकड़ केवल 1 क्विंटल 20 किलो मूँग खरीदे जाने का निर्णय किसानों के साथ अन्याय है। उनका कहना है कि इस वर्ष उत्पादन अधिक हुआ है, लेकिन खरीदी की सीमा बहुत कम तय की गई है, जिससे हजारों किसान आर्थिक नुकसान झेलेंगे।
आंदोलन के दसवें दिन किसानों ने अपने सिर पर मूँग रखकर कृषि उपज मंडी से कलेक्ट्रेट तक पैदल रैली निकाली। रैली के माध्यम से किसानों ने सरकार तक अपनी मांग पहुंचाने का प्रयास किया और खरीदी की मात्रा बढ़ाने की मांग दोहराई।कलेक्ट्रेट पहुंचने पर किसानों ने सरकार के फैसले का विरोध जताते हुए 1 क्विंटल 20 किलो मूँग मुख्यमंत्री राहत कोष के नाम प्रतीकात्मक रूप से दान कर दी। प्रशासन की ओर से एसडीएम और उप संचालक कृषि (डीडीए) की मौजूदगी में यह मूँग स्वीकार की गई।
किसानों का कहना है कि जब तक सरकार समर्थन मूल्य पर मूँग खरीदी की मात्रा नहीं बढ़ाती, तब तक उनका अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रहेगा।












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