हरदा नगर पालिका की 17 जुलाई को हुई साधारण सभा की बैठक में दूषित जल और साफसफाई को लेकर हुए विवाद को लेकर अब सियासत तेज हो गई है। कलेक्टर से शिकायत किए जाने के बाद विपक्षी पार्षदों ने प्रेसवार्ता कर सत्ता पक्ष के आरोपों का खंडन किया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की जा रही है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
हरदा 17 जुलाई को नगर पालिका की साधारण सभा की बैठक के दौरान नगर में दूषित पेयजल ओर साफसफाई को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हुई नोकझोंक का मामला अब कलेक्टर कार्यालय तक पहुंच गया है। कलेक्टर से शिकायत के बाद विपक्षी पार्षदों ने प्रेसवार्ता आयोजित कर अपना पक्ष रखा। विपक्ष का कहना है कि बैठक के दौरान लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं और राजनीतिक द्वेष के चलते उन्हें बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है।विपक्षी पार्षदों ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष प्रशासन पर दबाव बनाकर झूठे आरोपों में कार्रवाई करवाना चाहता है, ताकि विपक्ष की आवाज को दबाया जा सके। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, जिससे सच्चाई जनता के सामने आ सके।
कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मोहन विश्नोई ने कहा कि परिषद में भले ही BJP के पार्षद संख्या में अधिक है लेकिन वे कांग्रेसी पार्षदों को अकेला न समझे पूरी पार्टी पार्षदों के साथ है हम किसी से डरने वाले नही है 4 साल से ज्यादा हो गए है लेकिन BJP की परिषद के पास ऐसा कोई काम नही है जिसे दिखा सके ओर आगामी चुनाव में जनता के बीच जा सके कांग्रेस के 10 पार्षद होने के बाद भी जनता के बीच नेता प्रतिपक्ष अमर रोचलानी ओर पार्षद जनता के मुद्दों को पुरजोर तरीके से उठाते आ रहे है और BJP का ग्राफ गिरता जा रहा है ओर आनेवाले चुनाव में BJP को अपनी हार नजर आ रही है इसलिए वे हमारे पार्षदों पर दबाव बना रहे है में मुद्दा था डूडी बिल्डकॉम को टेंडर देने का तो उसी बात को लेकर BJP ने हंगामा कर दिया जबकि उन्होंने CMO से अनुमति लेकर मुद्दा उठाया था ।एक संवेधिक पद पर बैठी अध्यक्ष को नेता प्रतिपक्ष को कहना कि उन्हें उठाकर बाहर कर दो ये बोलने का उनका अधिकार नही है ये चुने हुए जनप्रतिनिधि का अपमान है
नेता प्रतिपक्ष अमर रोचलानी ने कहा कि BJP जो महिला पार्षदों से अभद्रता करने का आरोप लगाया है वह सरासर गलत है इस कुछ नही हुआ था हैम जो मुद्दे आठ रहे है उससे BJP को भय लगने लगा है जिसके कारण हमपर झूठे आरोप लगाकर हमे बदनाम करने की कोशिश की जा रही है आज हम कलेक्टर से मिलकर उन्हें ज्ञापन देंगे और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करेंगे और अगर हमारी मांग पूरी नही की जाती तो हम जनता के बीच जाकर इन 4 वर्षों में इनके द्वारा किए गए भ्रष्टाचार को उजागर करेंगे और भविष्य में भी जनता की आवाज उठाते रहेंगे तथा आगामी बैठकों का पूरीतरह से बहिष्कार करेंगे
विपक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई, तो वे नगर पालिका की आगामी बैठकों का बहिष्कार करेंगे। साथ ही जनता से जुड़े मुद्दों को परिषद के बजाय सड़क पर उठाते हुए आंदोलन किया जाएगा।
वही नगर पालिका परिषद के CMO रोशन सिंह बाथम ने कहा कि परिषद में मुख्य रूप से 2 मुद्दे आए थे दूषित पानी का ओर साफसफाई का तो एक व्यक्ति के अतिक्रमण को हटाकर नल की पाइप लाइन दुरुस्त कर दी गई है सफ़सफाई निरन्तर की जा रही है और अगर कहि चूक हो रही है तो उसे भी दुरुस्त की जाएगी
हरदा कलेक्टर सिद्धार्थ जेन ने कहा कि सभा मे हुए विवाद में दोनों पक्षो के आवेदन प्राप्त हुए है दोनों को पढ़ने के बाद जो भी न्यायोचित होगा आगे की कार्यवाही की जाएगी ।
फिलहाल नगर पालिका की बैठक में हुए विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है। अब सबकी नजर प्रशासन की जांच और उसके निष्कर्ष पर टिकी हुई है कि पूरे मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।












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